सेवा केवल कार्य नहीं, बल्कि एक भावना है। संस्कार हमें जीवन की दिशा देते हैं और समर्पण हमें हर कार्य को पूर्ण निष्ठा से करने की प्रेरणा देता है।
परम पूज्य तपस्वी आचार्य श्री 108 सुन्दर सागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद एवं प्रेरणा से संचालित सुन्दर युवा मंच एक समर्पित युवा संगठन है, जिसका उद्देश्य युवाओं को धर्म, संस्कार, सेवा एवं संगठन से जोड़ना है। मंच जैन धर्म के शाश्वत सिद्धांतों—अहिंसा, संयम, सत्य, करुणा एवं आत्मकल्याण—का प्रचार-प्रसार करते हुए युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करता है। आधुनिक युग में युवा शक्ति को धर्म एवं संस्कृति से जोड़ते हुए, सुन्दर युवा मंच एक संस्कारित, संगठित, जागरूक एवं सशक्त समाज के निर्माण हेतु निरंतर कार्यरत है। 🙏🏻✨
"सेवा हमारा धर्म, संस्कार हमारी पहचान और समर्पण हमारा संकल्प।" 🌿✨
Members
सेवा, संस्कार और समर्पण के साथ समाज को नई दिशा देना।
परम पूज्य तपस्वी आचार्य श्री 108 सुन्दर सागर जी महाराज के पावन मार्गदर्शन में सुन्दर युवा मंच निरंतर सेवा, संस्कार और समर्पण के पथ पर अग्रसर है। उनकी करुणामयी प्रेरणा और दिव्य आशीर्वाद से यह मंच युवाओं को धर्म की राह पर ले जाने का पवित्र कार्य कर रहा है।
आर्यिका सुलक्ष्यमती माता जी की ममतामयी छत्रछाया में मंच के समस्त सदस्य करुणा, विनम्रता और सेवाभाव के उच्च आदर्शों को जीवन में उतारने का प्रयास करते हैं। उनके आशीर्वाद से युवा शक्ति धर्म और संस्कृति की रक्षा में सदा तत्पर रहती है।
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साधु-संतों के विहार के समय आगे minimum (2 stop) और पीछे minimum (2 stop) विहार करवाना होगा।
साधु-संतों के आहार एवं पढ़गाहन के समय पब्लिक और व्यवस्था को शांतिपूर्वक नियंत्रित करना।
आहार चर्या के समय सभी युवा निरंतराय आहार करवाने का प्रयास करेंगे एवं जहां पर चौके की व्यवस्था नहीं होगी वहां पर मंच के अंतर्गत चौके की व्यवस्था करेंगे।
साधु-साध्वियों के आवास, सुरक्षा एवं आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
प्रत्येक कार्यक्रम में मंच की निर्धारित T-shirt एवं Cap पहनना अनिवार्य रहेगा।
प्रत्येक धार्मिक कार्यक्रम एवं सेवा कार्य की फोटो एवं जानकारी Group में Share की जाएगी प्रभावना हेतु।
जहाँ कहीं भी साधु-संतों की निंदा अथवा उनके प्रति अनुचित व्यवहार हो, वहाँ उसका शांतिपूर्वक विरोध एवं समर्थन किया जाएगा।
प्रत्येक वर्ष अधिवेशन में सभी का आना अवश्यक होगा।
सभी सदस्यों की Attendance Maintain की जाएगी तथा लगातार निष्क्रिय रहने वाले Members को मंच से हटाया जा सकता है।
विहार के समय साधु संतों के लिए प्रशासन (police) की व्यवस्था करवाना!
मंच के प्रत्येक सदस्य का व्यवहार विनम्र, अनुशासित एवं धर्म के अनुरूप होना चाहिए।
मंच का प्रत्येक सदस्य समाज, धर्म एवं गुरुभक्ति की भावना से सेवा करेगा।